Bewafa Shayari-दर्द भरे बेवफाई शायरी कलेक्शन ?

Bewafa shayari हिंदी बेवफाई शायरी इस जानकारी में हम आपको कुछ जबरदस्त बेवफाई शायरी को बताने वाले है। ऎसी बेवफाई शायरी जिसे आप Whatsapp और फेसबुक पर शेयर कर सकते है।

Whatsapp बेवफा शायरी, फेसबुक बेवफाई शायरी। सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए हिंदी दर्द भरे बेवफा शायरी।

Bewafa shayari collection (बेवफा शायरी ) ?

1) बेवफा शायरी

वफ़ा करने से मुकर गया है दिल;
अब प्यार करने से डर गया है दिल;
अब किसी सहारे की बात मत करना;
झूठे दिलासों से भर गया है अब यह दिल।

2) Bewafa Shayari

मशहूर हो गया हूँ तो ज़ाहिर है दोस्तो;
इलज़ाम सौ तरह के मेरे सर भी आयेंगे;
थोड़ा सा अपनी चाल बदल कर चलो;
सीधे चले तो मुमकिन है पीठ में खंज़र भी आयेंगे।

4) बेवफा शायरी

वो पानी की लहरों पे क्या लिख रहा था;
खुदा जाने हरफ-ऐ-दुआ लिख रहा था;
महोब्बत में मिली थी नफरत उसे भी शायद;
इसलिए हर शख्स को शायद बेवफा लिख रहा था।

5)

हर पल कुछ सोचते रहने की आदत हो गयी है;
हर आहट पे चौंक जाने की आदत हो गयी है;
तेरे इश्क़ में ऐ बेवफा, हिज्र की रातों के संग;
हमको भी जागते रहने की आदत हो गयी है।

6)

ना जाने क्या सोच कर लहरें साहिल से टकराती हैं;
और फिर समंदर में लौट जाती हैं;
समझ नहीं आता कि किनारों से बेवफाई करती हैं;
या फिर लौट कर समंदर से वफ़ा निभाती हैं।

7)

हो गया हूँ मशहूर तो ज़ाहिर है दोस्तो;
इलज़ाम सौ तरह के मेरे सर भी आयेंगे;
थोड़ा सा अपनी चाल बदल कर चलो;
सीधे चले तो मुमकिन है पीठ में खंज़र भी आयेंगे।

8)

हर धड़कन में एक राज़ होता है;
बात को बताने का भी एक अंदाज़ होता है;
जब तक ना लगे ठोकर बेवाफ़ाई की;
हर किसी को अपने प्यार पर नाज़ होता है।

9)

जो ज़ख्म दे गए हो आप मुझे;
ना जाने क्यों वो ज़ख्म भरता नहीं;
चाहते तो हम भी हैं कि आपसे अब न मिलें;
मगर ये जो दिल है कमबख्त कुछ समझता ही नहीं।

10) Bewafa Shayari

कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी;
कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी;
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने;
आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी।

11)

तेरे इश्क़ ने दिया सुकून इतना;
कि तेरे बाद कोई अच्छा न लगे;
तुझे करनी है बेवफाई तो इस अदा से कर;
कि तेरे बाद कोई बेवफ़ा न लगे।

12)

हर पल कुछ सोचते रहने की आदत गयी है;
हर आहट पे च चौंक जाने की आदत हो गयी है;
तेरे इश्क़ में ऐ बेवफा, हिज्र की रातों के संग;
हमको भी जागते रहने की आदत हो गयी है।

13)

एक बार रोये तो रोते चले गए;
दामन अश्कों से भिगोते चले गए;
जब जाम मिला बेवफाई का तो;
खुद को पैमाने में डुबोते चले गए।

14)

एक ख़ुशी की चाह में हर ख़ुशी से दूर हुए हम;
किसी से कुछ कह भी ना सके इतने मज़बूर हुए हम;
ना आई उन्हें निभानी वफ़ा इस दौर-ए-इश्क़ में;
और ज़माने की नज़र में बेवफ़ा के नाम से मशहूर हुए हम।

15)

उनकी मोहब्बत के अभी निशान बाकी है;
नाम लब पर है और जान बाकी है;
क्या हुआ अगर देख कर मुँह फेर लेते हैं;
तसल्ली है कि शक्ल की पहचान बाकी है।

16)

वो निकल गए मेरे रास्ते से इस कदर कि;
जैसे कि वो मुझे पहचानते ही नहीं;
कितने ज़ख्म खाए हैं मेरे इस दिल ने;
फिर भी हम उस बेवफ़ा को बेवफ़ा मानते ही नहीं।

17)

कभी करीब तो कभी जुदा था तू;
जाने किस-किस से ख़फ़ा है तू;
मुझे तो तुझ पर खुद से ज्यादा यकीन था;
पर ज़माना सच ही कहता था कि बेवफ़ा है तू।

18)

ज़िंदगी से बस यही एक गिला है;
ख़ुशी के बाद न जाने क्यों गम मिला है;
हमने तो की थी वफ़ा उनसे जी भर के;
पर नहीं जानते थे कि वफ़ा के बदले बेवफाई ही सिला है।

19)

कोई भी नहीं यहाँ पर अपना होता;
इस दुनिया ने ये सिखाया है हमको;
उसकी बेवफाई का ना चर्चा करना;
आज दिल ने ये समझाया है हमको

20)

महफ़िल में कुछ तो सुनाना पड़ता है;
ग़म छुपा कर मुस्कुराना पड़ता है;
कभी हम भी उनके अज़ीज़ थे;
आज-कल ये भी उन्हें याद दिलाना पड़ता है।

21)

तेरी चौखट से सिर उठाऊं तो बेवफा कहना;
तेरे सिवा किसी और को चाहूँ तो बेवफा कहना;
मेरी वफाओं पे शक है तो खंजर उठा लेना;
शौंक से मर ना जाऊं तो बेवफा कहना।

22)

आग दिल में लगी जब वो खफा हुए;
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए;
करके वफ़ा कुछ दे ना सकें वो;
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफा हुए।

23)

जाने मेरी आँखों से कितने आँसू बह गए;
इंसानो की इस भीड़ में देखो हम तनहा रह गए;
करते थे जो कभी अपनी वफ़ा की बातें;
आज वही सनम हमें बेवफ़ा कह गए।

24)

ज़िन्दगी से बस यही गिला है;
ख़ुशी के बाद क्यों ये गम मिला है;
हमने तो उनसे वफ़ा की थी;
पर नहीं जानते थे कि बेवफाई ही वफ़ा का सिला है।

25) Bewafa shayari

जानते थे कि नहीं हो सकते कभी तुम हमारे;
फिर भी खुदा से तुम्हें माँगने की आदत हो गयी;
पैमाने वफ़ा क्या है, हमें क्या मालूम;
कि बेवफाओं से दिल लगाने की आदत हो गयी।

26)

कभी करीब तो कभी जुदा है तू;
जाने किस-किस से खफा है तू;
मुझे तो तुझ पर खुद से ज्यादा यकीं था;
पर ज़माना सच ही कहता था कि बेवफ़ा है तू।

27)

ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक है;
कर ले तू सितम, तेरी हसरत जहाँ तक है;
वफ़ा की उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी;
हमें तो देखना है तू बेवफ़ा कहाँ तक है।

28) Bewafa shayari

सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दवा नहीं;
दूर है वो मुझसे पर मैं उससे ख़फ़ा नहीं;
मालूम है कि वो अब भी प्यार करता है मुझसे;
वो थोड़ा सा ज़िद्दी है मगर बेवफ़ा नहीं।

29) Bewafai Shayari

वफ़ा पर हमने घर लुटाना था लेकिन;
वफ़ा लौट गयी लुटाने से पहले;
चिराग तमन्ना का जला तो दिया था;
मगर बुझ गया जगमगाने से पहले।

30) Bewafa shayari

लम्हा लम्हा सांसें ख़तम हो रही हैं;
ज़िंदगी मौत के पहलू में सो रही है;
उस बेवफा से ना पूछो मेरी मौत की वजह;
वो तो ज़माने को दिखाने के लिए रो रही है।

31)

जो थोड़ा सा भी किसी और का हो, वह मुझे जरा सा भी नहीं चाहिए……..💔

32)

तुमको पाने के लिए सब छोड़ दिया, और तुम्हारी खुशी के लिए तुम्हें भी……..🖤

33)

जहां दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाए,

वहां खुद को समझा लेना बेहतर होता है……😕

34)

मुझसे जुड़ा हर वादा हर कसम तोड़ दी तुमने,

हम वफा आज भी करते हैं पर,

मोहब्बत छोड़ दी हमने…….💔

35)

अब वह मुझे Free में भी नहीं चाहिए,

जो कभी हर कीमत पर चाहिए था…….

36)

एक वक्त पर जा कर यह महसूस होता है,

बेहतर होता अगर हम

कुछ लोगों से मिले ही ना होते…….😔

37)

जिंदगी में सब कुछ दोबारा मिल सकता है

लेकिन वक्त के साथ खोया हुआ रिश्ता

और भरोसा दोबारा नहीं मिलता…….

38)

प्यार जबरदस्त करो

जबरदस्ती नहीं…….❤️

39)

एक बार फिर इश्क करेंगे हम, अभी सिर्फ भरोसा उठा है

 जनाजा नहीं…….

40)

पता नहीं होश में हूं या बेहोश हूं,

पर सोच समझकर खामोश हूं……..🤐

41)

छोड़ो ना यार,

क्या रखा है सुनने, सुनाने में

किसी ने कसर नहीं छोड़ी दिल दुखाने में…….💔

42)

आदत बदल सी गई है वक्त काटने की,

अब हिम्मत ही नहीं होती किसी को अपना दर्द बांटने की…….😔

43)

दूरियां अच्छी लगने लगी है अब मुझे,

जबरदस्ती की प्यार से अब मन थक चुका है…….

44)

अच्छा हुआ बड़ी जल्दी बदल गए तुम,

वरना मेरी उम्मीद है बढ़ती जा रही थी…….😓

45)

लगता है आज जिंदगी कुछ खफा है,

चलिए छोड़िए कौन सा पहली दफा है…….

46)

पत्थर नहीं हूं मैं….

मुझमें भी नमी है,

दर्द बयां नहीं करता बस इतनी सी कमी है……

47)

नफरत नहीं है तुमसे

लेकिन अब मोहब्बत भी नहीं है

बिछड़ने का दुख तो बहुत है पर,

अब मिलने की चाहत भी नहीं है…….💔

48)

खुद ही रोए और खुद ही चुप हो गए,

यह सोचकर कि कोई अपना होता तो रोने ना देता…..🥲

49)

वक्त ने दिखाई सब की असलियत

वरना हम तो वो थेजो सबको अपना कहा करते थे……

50)

बेवफाओं से हार कर,

वफादारों से बदला लेते हैं लोग……

51)

जब सोच में मोच आती है,

तब हर रिश्ते में खरोच आती है……..

52)

सबर करो अगर तुम्हारा है,

तो किसी और का नहीं होगा……..

53)

चाहत, जिस्म, फिर धोखा देखा..

यहां मोहब्ब्त के नाम पर सिर्फ मौका देखा……

54)

प्रेम में जितने गहरे भाव होंगे

उतने ही गहरे घाव होंगे…..

55)

बेबस दिल के हाथों मैं मजबूर हूं,

ना तुम्हारे करीब ना तुमसे दूर हूं……

56)

निभाने वाले ही तो नहीं मिलते,

चाहने वाले तो हर मोड़ पर खड़े हैं……

57)

इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है,

लोग बहुत तकलीफ देते हैं अक्सर अपना बना कर…….

58)

जिंदगी कभी नहीं रुलाती, रुलाते तो वो लोग हैं

जिन्हें हम जिंदगी समझ बैठते हैं……

59)

बेहद हदें पार की थी हमने कभी किसी के लिए,

आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना……

60)

तू और तेरे वादे

दोनों ही झूठे निकले……

61)

समझने वाले तो खामोशी भी समझ लेते हैं,

ना समझने वाले जज्बातों का भी मजाक बना देते हैं……

62)

किस हक से मांगू अपने हिस्से का वक्त तुमसे,

ना वक्त मेरा है और ना तुम मेरे हो…..

63)

खुद को माफ़ नहीं कर पाओगे,

जिस दिन मुझे समझ जाओगे……

64)

काश कोई ऐसा हो, जो गले लगा कर कहे..

तू रोया ना कर तेरे रोने से मुझे भी तकलीफ होती है…..

65)

बचपन ही ठीक था

दांत टूटते थे दिल नहीं…..💔

66)

चुपके से जहर दे देना पर

किसी को झूठी कसम, झूठा वादा, झूठा भरोसा, झूठी मोहब्बत मत देना…….

67)

दिल चाहिए कितना भी तकलीफ में हो,

तकलीफ देने वाला दिल में ही रहता है…….

68)

हमें लगता था कि वह नाराज है हमसे,

हम गलत थे वह तो परेशान थे हमसे……

69)

जिनको सोच कर अकेले में मुस्कुराया करते थे,

अब उन्हीं को सोच कर अकेले में रोया करते हैं…….

70)

खता उनकी नहीं थी शायद हम गलत समझ बैठे,

वो तरस खाकर बात करते थे और हम मोहब्बत समझ बैठे……

71)

ए जिंदगी रुलाया ना कर बार-बार,

हर किसी के पास चुप कराने वाला नहीं होता……

72)

दुखाने से पहले एक बात याद रखना,

एक दिल आपके पास भी है……..

73)

जो हर किसी का हो जाए,

उसका ना होना ही बेहतर है……

74)

कभी कभी हम किसी के लिए,

इतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते……

75)

अगर तुम्हें खुशी मिलती है हमसे बात ना करके,

 तो हम दुआ करते हैं कि आपकी खुशी कभी कम ना हो……..

76)

चल जिंदगी एक नई शुरुआत करते हैं,

जो हमारे बिना खुश हैं उन्हें आजाद करते हैं……..

77)

जिंदगी में और कुछ मेरा हो या ना हो,

 लेकिन गलती हमेशा मेरी होती है…….

78) Bewafa shayari

कल शीशा था सब देख देख कर जाते थे,

आज टूट गया तो सब बच बच कर जाते हैं

यह वक्त है साहब दिन सबके आते हैं…….

79)

वह रोज हमारा दिल दुखाते हैं और हम,

 फिर भी उनसे बात करके खुश हो जाते हैं…..

80) Bewafa shayari

तुम मेरे ना हो सके तो कुछ ऐसा कर दो,

मैं जैसा था मुझे वैसा कर दो…..

2 Comments

  1. neelu

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