पत्ता गोभी के रोग और हानिकारक कीड़े से कैसे बचाए

आज की खेती और किसानों के इस जानकारी में हम आपको बताने वाले हैं पत्ता गोभी के रोग और हानिकारक कीड़े के बारे में और साथ में जानेंगे पत्ता गोभी के हानिकारक कीट से पत्ता गोभी को कैसे बचाएं और उनमें होने वाले जो रोग होते हैं उसका क्या उपाय किया जाए उसके लिए क्या दवाई है।

पत्ता-गोभी-के-रोग-और-हानिकारक-किड़ो-से-छुटकारा-कैसे-पाएं

यदि आप बंद गोभी यानी कि पत्ता गोभी की खेती करते हैं। तो आपने देखा होगा उसमें बहुत से गेट लग जाते हैं। लेकिन कई तरह से होते हैं और उन में होने वाले रोग कौन कौन से होते हैं इस जानकारी में सब जानेंगे।

पत्ता गोभी के रोग और हानिकारक कीड़े को खत्म कैसे करें

कुतरा सुडी

इस के हमले से बचाव के लिए मिथाइल पैराथियन या मेलाथियान 10 किलोग्राम बिजाई से पहले प्रति एकड़ मिट्टी में डालें।

पता-गोभी-में-कुतरा-सूडी-रोगी-ठीक-कैसे-करें

पत्ते खाने वाली सूडी

क्या सोनी पत्ते को खाती हैं यदि नुकसान दिखे तो डाईक्लोरोवास 200 मिली को 150 लीटर पानी में या फुलूबैंडायमाइड 48% 80005 मिली को 3 लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें।

बंद-गोभी-के-पत्ते-खाने-वाले-सूडी

चमकीली पीठ वाला पतंगा

यह बंद गोभी का एक खतरनाक कीड़ा है और पत्तों के नीचे की ओर अंडे देता है हरे रंग की साड़ी पत्ते को खाती है और उन में छेद कर देती है यदि इसे ना रोका जाए तो 80 से 90% तक नुकसान हो सकता है।

पता-गोभी-में-चमकीले-वाला-पतंगा

शुरुआत में नीम की निंबोलीओ का रस 40 ग्राम को प्रति लीटर में पानी में मिलाकर स्प्रे करें और 10 से 15 दिन बाद दोबारा स्प्रे करें इसके बिना बीटी गोल 500 ग्राम रोपाई के 35 और 50 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें यदि नुकसान बढ़ जाए तो स्पिनोसैड 2.5% एस सी 80 मिली को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।

रस चूसने वाले कीड़े

यह कीड़े पत्तों के रस चूसते हैं और पत्ते पीले होकर गिर जाते हैं और डूडी आकार के हो जाते हैं यदि चेपे और तेले का नुकसान बढ़ जाए तो इमिढैक्लोप्रिड 17.8 एसएल 60 मिली को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें शुष्क मौसम में नुकसान बढ़ जाता है इसके लिए थाईमैथोक्सम 80 ग्राम को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।

पत्ता-गोभी-में-रस-चूसने-वाले-कीड़े

पत्ता गोभी के रोग और रोकथाम

पत्तों के धब्बे और झुलस रोग

यदि पत्तों पर धब्बे और झुलस रोग दिखे तो मेटालैक्सिकल 8% और मैनकोजेब 64 प्रतिशत डब्ल्यूपी 250 ग्राम को 150 प्रति लीटर पानी के साथ स्टिकर या मैंनकोजेब कार्बेंनडाजिम 400 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।

बंद-गोभी-में-झुलसा-रोग

पत्तों के नीचे की ओर धब्बे

पत्तों के नीचे पीले और बुरे और जामनी धब्बे दिखाई देते हैं तो खेत की सफाई और फसली चक्र अपनाने से इस बीमारी को कम किया जा सकता है यदि खेत में यह बीमारी दिखाई दे तो मेटालेक्सिल के साथ मैनकोज़ेब 2 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें और 10 दिनों के फैसले पर कुल 3 बार स्प्रे करें।

बंद-गोभी-के-पत्ते-के-नीचे-पीले-पीले-धब्बे

गलना या पत्तों का सूखा पीला होना

इस बीमारी से बचाने के लिए मरकरी क्लोराइड से बीज का उपचार करें मरकरी क्लोराइड 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में बीजों को 30 मिनट के लिए भिगो दें इसके बाद इन्हें छांव में सुखा लें यदि पूरे खेत में यह बीमारी नजर आए तो कॉपर ऑक्सिक्लोराइड 300 ग्राम के साथ स्ट्रैप्टोमायसिन 6 ग्राम को प्रति 150 लीटर पानी में डालकर इस पर करें

बंद-गोभी-में-पत्तियों-का-गलना

इस जानकारी में हमने आपको पत्ता गोभी में होने वाले रोगों और उसके रोकथाम के बारे में बताया। पत्ता गोभी के रोग होते हैं उसमें कौन सी दवा कब डाली जाती है। इसके बारे में भी बताएं और पत्ता गोभी के कीड़े जो पत्ता गोभी को नुकसान पहुंचाते हैं उनको पत्ता गोभी से कैसे बचाया जाए उसके बारे में भी बताया है यदि आपको इस जानकारी संबंधित कुछ पूछना है तो आप इसे कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं।

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