भारत के महान चिकित्सक चरक की कहानी

चरक कौन थे कैसे इन्होंने चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाया प्राचीन काल में जब चिकित्सा विज्ञान की इतनी प्रगति नहीं हुई थी। गिने-चुने चिकित्सक ही हुआ करते थे। उस समय चिकित्सक स्वयं ही दवा बनाते शल्यक्रिया करते हैं और रोगों का परीक्षण करते हैं।

तब आज जैसी प्रयोगशाला में परीक्षण यंत्र व चिकित्सा सुविधाएं नहीं थी, फिर भी प्राचीन चिकित्सकों का चिकित्सा ज्ञान व चिकित्सा स्वास्थ्य के लिए अति लाभकारी थी।

भारत के महान चिकित्सक चरक की कहानी

2000 वर्ष पूर्व भारत में ऐसे ही चिकित्सक चरक हुए हैं जिन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में शरीर विज्ञान निदान शास्त्र और भ्रूण विज्ञान पर चरक संहिता नामक पुस्तक लिखी। इस पुस्तक को आज भी चिकित्सा जगत में बहुत महत्व दिया जाता है।

चरक कौन थे कैसे इन्होंने चिकित्सा में प्रगति की

चरक वैशंपायन के शिष्य थे। इनके चरक संहिता ग्रंथ में भारत के पश्चिम उत्तर प्रदेश का ही अधिक वर्णन होने से यह भी उसी प्रदेश के प्रतीत होते हैं।

कहा जाता है कि चरक को शरीर में जीवाणुओं की उपस्थिति का ज्ञान था परंतु इस विषय पर उन्होंने अपना कोई मत व्यक्त नहीं किया है। चरक को हनुमान जी की के मूल सिद्धांतों की भी जानकारी थी।

चरक ने अपने समय में यह मान्यता दी थी कि बच्चों में अनुवांशिक दोष जैसे अंधापन लगड़ा पंजाबी विकलांगता माता पिता की किसी भी कमी के कारण नहीं बल्कि डिंबानू या शुक्राणु की चोट के कारण होती थी यह मान्यता आज का सबसे तथ्य है।

उन्होंने शरीर में दांतो सहित 360 हड्डियों का होना बताया था। चरक का विश्वास था कि हृदय शरीर का नियंत्रण का केंद्र है। चरक ने शरीर रचना और भी रंगों का अध्ययन किया था। उनका कहना था कि फिर दे पूरे शरीर की 13 मुख्य धमनियों में जुड़ा हुआ है इसके अतिरिक्त सैकड़ों छोटी बड़ी धनिया है जो सारे उसको को भोजन रस पहुंचाती हैं।

और मलवा व्यर्थ पदार्थ बाहर ले जाते हैं इन धमनियों में किसी प्रकार का विकार आज आने से व्यक्ति बीमार हो जाता है।

प्राचीन चिकित्सक मंत्री के निर्देशन में अग्निवेश ने एक बृहत संस्था ईसा से 800 वर्ष पूर्व लिखी थी। इस ब्रिज संस्था को चरक ने संबोधित किया था जो चरक संहिता के नाम से प्रसिद्ध हुई।

इस पुस्तक का कई भाषाओं में अनुवाद हुआ है आज भी सुश्रुत संहिता तथा चरक संहिता की उपलब्धि इस बात का स्पष्ट प्रमाण है। किए अपने अपने विषय के सर्वोत्तम ग्रंथ हैं। ऐसे ही प्राचीन चिकित्सकों की खोज रूपी न्यू पर आज का चिकित्सा विज्ञान सुदृढ़ रूप से खड़ा है इन संस्थाओं ने नवीन चिकित्सा विज्ञान को कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय मार्गदर्शन दिया है।

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1 thought on “भारत के महान चिकित्सक चरक की कहानी”

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    I am getting knowledge daily by reading such good articles or reviews.

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