प्रेगनेंसी जांच कब और कितने दिन बाद करनी चाहिए

स्वास्थ्य की जानकारी में है आज हम जानेंगे प्रेगनेंसी जांच कब किया जाता है पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी जांच सही और सटीक रिजल्ट आता है। और प्रेगनेंसी नापने का अच्छा तरीका क्या है कैसे किया जाता है यह सब आज हम इस जानकारी में जानेंगे।

प्रेगनेंसी जांच कब और कितने दिन बाद करनी चाहिए

क्या आप भी सोच रहे हैं कि हमें टेस्ट कब करना चाहिए प्रेगनेंसी के लिए और प्रेग्नेंट है या नहीं प्रेगनेंसी जांच कब और कैसे करना चाहिए यह जानने के लिए सबसे पहले मैं आपको बताना चाहता हूं जब कोई महिला प्रेग्नेंट होती है तो उस महिला में प्रेगनेंसी का हार्मोन Beta HCG सीक्रेट होता है। जिससे प्रेगनेंसी का पता चलता है।

प्रेगनेंसी जांच कब और कितने दिन बाद करना चाहिए

यदि आपका पीरियड के बीच अंतराल 28 से 30 दिन का होता है उद्धरण के लिए यदि आपके पीरियड 1 मार्च को आता है तो आपका पीरियड साइकिल 28 या 30 दिन का है और यदि ओवलयूशन पीरियड आने के 12 या 14वे दिन होता है तो पीरियड 28 या 30 मार्च को नहीं आएगी और आपके यूरिन में 26वे दिन बाद बेटा एचसीजी हार्मोन आने लगता है इसके बाद आप टेस्ट करके पता कर सकते हैं। इसका मतलब पीरियड के दिन के दो-चार दिन पहले ही hcg हार्मोन आने लगता है और पीरियड ना आने के 2-4 दिन पहले ही प्रेगनेंसी का पता लगाया जा सकता है।

प्रेगनेंसी मिस होने के बाद जांच कब करें

प्रेगनेंसी का पता लगाने के लिए यदि आपका पीरियड मिस हो गया है नहीं आया है तो आप उसके 1 दिन बाद भी चेक कर सकते हैं और पीरियड ना आने के 4 दिन पहले भी पता लगाया जा सकता है। लेकिन कुछ लोगों में प्रेगनेंसी का दिन आगे पीछे हो जाता है जिससे आप पीरियड ना आने के 5 दिन बाद टेस्ट जरूर करें। जिससे Beta-hcg हार्मोन का श्राव अधिक हो जाता है और अच्छी तरह से किट द्वारा पता लगाया जा सकता है।

सेक्स करने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए।

यदि आपका पीरियड 1 मार्च को आता है और 28 या 30 दिन बाद फिर नेक्स्ट पीरियड आता है तो आप इन्हीं दोनों पीरियड के बीच में मान लेते हैं आपने पीरियड आने के 8 दिन बाद (8 तारीख) को सेक्स किया (8 तारीख को ओवुलेशन हुआ) होता है। तो ओवुलेशन के 12-14 दिन के बाद (यानी की 20-22 तारीख) के बाद hCG हार्मोन यूरिन में अपना शुरू होने लगता है। और एक अच्छा प्रेग्नेसी किट द्वारा टेस्ट करने पर रिजल्ट आ जाता है।

प्रेगनेंसी जांच कैसे करते हैं ?

प्रेगनेंसी जांच करने के लिए सबसे पहले आपको पास प्रेगनेंसी किट होना जरूरी है आप घर बैठे प्रेगनेंसी किट गाना स्वयं टेस्ट कर सकते हैं जस्ट करने के लिए सुबह का यूरिन सैंपल बहुत ही अच्छा होता है। जिसमें आसानी से beta-hcg हार्मोन को किट डिटेक्ट कर लेता है।

  1. तो सबसे पहले आपको मेडिकल स्टोर से अच्छी कंपनी का प्रेगनेंसी किट खरीद कर लाना है और अपने सुबह का यूरिन सैंपल किसी डिब्बी में एकत्रित कर लेना है।
  2. प्रेगनेंसी किट पैकेट को खोलें और उसमें एक किस मिलेगा किट को एक समांतर स्थान पर रखें और सैंपल वाले चित्र में यूरिन का 3 से 4 वोट डालें।
  3. प्रेगनेंसी किट में यूरीन सैंपल डालने के बाद 3 से 5 मिनट तक वेट करें जिसके बाद आप सही और सटीक रिजल्ट देख पाएंगे।
  4. आपके प्रेगनेंसी किट में केवल एक लकीर आती है तो प्रेगनेंसी जांच नेगेटिव माना जाता है जिसका तात्पर्य है कि आप प्रेग्नेंट नहीं है।
  5. यदि आपके प्रेगनेंसी टेस्ट किट में दो लकीर आती है तो यह टेस्ट पॉजिटिव माना जाता है जिसका तात्पर्य है कि आप प्रेग्नेंट हैं।
  6. यदि आपके प्रेगनेंसी जांच किट में कोई लकीर नहीं आती है तो यह किट की खराबी के कारण हो सकता है।

प्रेगनेंसी जांच किट में हल्की गुलाबी लाइन का मतलब क्या होता है

यदि आपके प्रेगनेंसी किट में हल्की सी गुलाबी लाइन आती है तो आप दोबारा किसी अच्छे किट द्वारा सुबह की यूरिन सैंपल से ही जांच करें ऐसा भी हो सकता है कि आपके यूरिन सैंपल में beta-hcg की मात्रा कम आ रही हो।

कन्फर्मेशन के लिए सीरम ऐसी जी कंफर्मेशन टेस्ट होता है। जिसे कंफर्मेटरी प्रेगनेंसी टेस्ट या सीरम beta-hcg टेस्ट होता है इसे प्रेगनेंसी का सही और सटीक रिजल्ट आता है।

प्रेगनेंसी जांच किस समय करनी चाहिए

प्रेगनेंसी जांच करने का सही समय सुबह होता है क्योंकि रात भर आपका यूरिन एकत्रित होता है जिसमें ऐसी जी की मात्रा ज्यादा होती है और दिन मैं आप खाते पीते रहते हैं जिसके कारण यूरिन डायल्यूट होता रहता है और ऐसे जी का लेवल कंसंट्रेट नहीं हो पाता है।

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