एंटीजन क्या है प्रतिजन प्रकार,कार्य और विशेषता ?

आज की इस जानकारी में हम जानेंगे प्रतिजन के बारे में एंटीजन क्या होता है एंटीजन के कार्य क्या होते हैं और प्रतिजन के विशेषताएं क्या क्या है एंटीजन कितने प्रकार के होते हैं। प्रतिजन इम्यून प्रतिक्रियाओं को उकसाने वाले अर्थात प्रेरित करने वाले विषैले पदार्थ प्रतिजन या इम्यूनोजेन कहलाते हैं।

ऐसे फॉरेन पार्टिकल वायरस बैक्टीरिया प्रोटोजोआ जिसमें डस्ट पार्टिकल भी हो सकते हैं या माइक्रोआर्गनिजम सकते हैं। जो हमारे शरीर में इंटर करके हमारे प्रतीक्षा प्रणाली को उत्तेजित करते हैं एंटीजन कहलाते हैं। जिसके कारण हमारे शरीर में एंटीबॉडी प्रोड्यूस होने लगती है।

एंटीजन-क्या-है-प्रतिजन-के-प्रकार-और-वर्गीकरण

हमारे शरीर में हजारों प्रकार की एंटीबॉडी होती है हर प्रतिजन के लिए अलग-अलग एंटीबॉडी होती है।

एंटीजन क्या है (What is Antigen)

किसी भी जीवधारी के शरीर में उत्पन्न जो रोगों से लड़ने की क्षमता को उत्पन्न करता है एंटीजन या प्रतिजन कहलाता है

कोई भी ऐसा पदार्थ है जो शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को एंटीबॉडी बनाने में सहायक होता है एंटीजन कहलाता है।

दोस्तो एंटीजन कुछ भी हो सकते हैं प्रतिजन बैक्टीरिया, वायरस, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन हो सकते हैं लेकिन इनका अनुभव कम से कम 8000 डाल्टन होना चाहिए।

एंटीजन के कार्य (Work of Antigen (

एंटीजन का मुख्य कार्य होता है प्रतिरक्षा तंत्र को एक्टिव करना जब कोई भी बीमारी हमारे शरीर में होती है कोई भी इंफेक्शन होता है तो हमारा शरीर उससे लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाता है। तो हमारे शरीर को कैसे पता चलता है कि हमारे शरीर में बैक्टीरिया का इंफेक्शन हो गया है तो यही काम करता है। प्रतिजन अंदर जाकर आपके सेल्स को बताएगा बैक्टीरिया का आक्रमण हो गया है और उन्हें एक्टिव करेगा इसका मुख्य कार्य यही है कि इम्यून सिस्टम को एक्टिव करना।

एंटीजन की विशेषताएं दो महत्वपूर्ण विशेषताएं पाई जाती हैं

  1. इम्यूनोजनिकता (Immunogenicity)
  2. क्रियाशीलता (Reactivity)

इम्यूनोजनिकता (Immunogenicity) क्या है ?

जो शरीर के बाहर से आते हैं और वह हमारे शरीर में आकर एंटीबॉडी को उत्प्रेरित करते हैं जिससे हमारा एंटीबॉडी का निर्माण होने लगता है। इम्यूनोजनिकता कहते हैं। इसे बाहरी प्रतिजन या फॉरेन एंटीजन कहते है।

क्रियाशीलता (Reactivity) क्या है ?

जब एंटीजन शरीर में उत्पन्न विशिष्ट एंटीबॉडी का सेल के साथ क्रिया करके और शरीर में एंटीबॉडी और सेल को क्रियाशील कर देता है।

एंटीजन कितने प्रकार के होते हैं (Antigen Types)

चलिए अब जान लेते हैं प्रतिजन के प्रकार के बारे में प्रतिजन कितने प्रकार का होता है इसके बारे में इम्यूनोजेनिकता और क्रियाशीलता के आधार पर प्रतिजन को निम्न भागों में बांटा गया है।

1.वर्ग के क्रम (उत्पत्ति) के आधार पर एंटीजन के प्रकार

बहिर्जात प्रतिजन (Exogenous Antigens)

बहिर्जात प्रतिजन ये प्रतिजन है जो मनुष्य के शरीर के बाहर उत्पन्न होते हैं और इस प्रकार मनुष्य के लिए बाहरी एंटीजन कहलाते हैं। एंटीजन सांस लेने, अंतग्रहण या इंजेक्शन के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और फिर शरीर के तरल पदार्थों के माध्यम से पूरे शरीर में फैल जाते हैं।

इंट्रा सेल्यूलर वायरस जैसे कई प्रतिजन बहिर्जात प्रतिजन प्रतिजन के रूप में शुरू हो सकते हैं और बाद में अंतर्जात बन सकते हैं

अंतर्जात प्रतिजन (Endogenous Antigens)

अंतर्जात प्रतिजन इसे एंटीजन होते हैं जो चायापचय के दौरान या इंटरस्टेलर वायरल या जीवाणु के संक्रमण परिणाम स्वरूप मनुष्य के शरीर में भीतर उत्पन्न होते हैं। अंतर्जात आमतौर पर शरीर की कोशिकाओं या चयपचय के टुकड़े योगिक या एंटीजेनिक उत्पाद होते हैं। इन्हें आम तौर पर मैक्रोफेस में सम्मानित किया जाता है और बाद में प्रतिरक्षा प्रणाली के साइटोटॉक्सिक टी कोशिकाओं द्वारा पता लगाया जाता है।

अंतर्जात प्रतिजन ऐसे एंटीजन शामिल होते हैं जो जेनोजैनिक या विसमलैंगिक, ऑटोलॉन्गस और इडियोटाइप या एलोजेनिक होते हैं। अंतर्जात एंटीजन के द्वारा ऑटोइम्यून रोग हो सकते हैं क्योंकि मनुष्य की प्रतीक्षा प्रणाली अपने स्वयं की कोशिकाओं और करो को इम्यूनोजेनिक के रूप में पहचानती है।

स्वप्रतिजन (Autoantigens)

ऑटोएंटिजन मनुष्य के शरीर के प्रोटीन या प्रोटीन कंपलेक्स होते हैं। जिन पर मनुष्य की प्रतीक्षा प्रणाली द्वारा हमला किया जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप ऑटोइम्यून बीमारी होते हैं ऑटोएंटीजन मनुष्य के लिए घातक हो सकते हैं क्योंकि शरीर की अपनी कोशिकाओं को प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा लक्षित नहीं किया जाना चाहिए अनुवांशिक और पर्यावरण कारकों के परिणाम स्वरूप ऐसे प्रतिजनों के प्रति प्रतिरक्षात्मक गुण खो जाती है।

ट्यूमर एंटीजन (Tumor Antigens/Neoantigens)

नियोएंटीजन कोशिकाओं की सतह पर मेजर हिस्टोकोकंपीटेबिलीटी कांप्लेक्स और नियोएंटीजन प्रस्तुत किए जाते हैं। सामान्य कोशिकाओं की घातक परिवर्तन के दौरान नियोएंटीजन विशिष्ट उत्परिवर्तन के परिणाम स्वरूप एंटीजन का उत्पादन होता है। प्रतिजन आमतौर पर एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रेरित नहीं करते हैं क्योंकि नियोएंटीजन कोशिकाएं प्रतिजन प्रस्तुति और प्रतिरक्षा से बचने के तरीके विकसित करते हैं।

नेटिव प्रतिजन (Native antigens)

नेटिव प्रतिजन वे प्रतिजन होते हैं जिन्हें किसी प्रतिजन प्रेजेंटिंग सेल (एपीसी) द्वारा संबंधित नहीं किया जाता है। और इस प्रकार टी कोशिकाएं जैसी प्रतीक्षा कोशिकाएं इन प्रतिजन से बंध नहीं सकती हैं। हालांकि बी कोशिकाओं को बिना किसी प्रसंस्करण के भी ऐसे एंटीजन को सक्रिय किया जा सकता है।

2.प्रतिरक्षी अनुक्रिया के आधार पर एंटीजन के प्रकार

प्रतिरक्षी अनुक्रिया के आधार पर प्रतिजन को 2 दिन समूह में वर्गीकृत किया गया है।

पूर्ण एंटीजन (Complete antigens/immunogens)

पूर्ण प्रतिजन या इम्यूनोजेंस प्रतिजन है जो एक विशिष्ट प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्राप्त करते हैं। ये प्रतिजन बिना किसी वाहक कण के अपने आप में एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया कर सकते हैं यह आमतौर पर उच्च आणविक भार (10,000da से अधिक) वाले प्रोटीन पेप्टाइड या पॉलिसेकरॉइड रोते हैं।

अपूर्ण एंटीजन (Incomplete antigens/Heptens)

अपूर्ण प्रतिजन ये प्रतिजन होते हैं जो स्वयं से प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न नहीं कर सकते यह आमतौर पर अन्य प्रोटीन पदार्थ होते हैं जिन्हें एक पूर्ण प्रतिजन बनाने के लिए वाहक अणु आवश्यकता होती है। हैप्टेंस में कम आणविक भार (10000da से कम) और कम एंटीजनिक निर्धारक स्थल होते हैं। हेप्टेंस से बंधे वाहक अणु को एक गैर एंटीजनिक घटक माना जाता है या एक प्रोटीन या अन्य पॉलीसेकराइड होते हैं।

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