Branded Vs Generic Drugs- ब्रांडेड और जेनेरिक दवा में अंतर क्या है

Branded vs Generic Drugs- हेलो फ्रेंड्स welcome to blog आज हम इस जानकारी में Branded Medicine क्या होता है। Generic Medicine क्या है। ब्रांडेड दवा और जेनेरिक दवा दोनों में क्या अंतर है और दोनों के डोज में क्या अंतर होता है। और दोनों के प्राइस में इतना डिफरेंस क्यों होता है। जेनेरिक मेडिसिन सस्ता होता है और दोनों में कौन सा ज्यादा अच्छा होता है। इसके बारे में हम पूरी डिटेल में जानेंगे।

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कई रिपोर्ट में देखा गया है कि जेनेरिक मेडिसिन कम इफेक्टिव होता है। ब्रांड मेडिसिन के मुकाबले। इसीलिए डॉक्टर लोग ब्रांड दवा को ही लिखते हैं। हाला की अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

दोस्तों आप सभी ने जेनेरिक दवाओं के बारे में सुना ही होगा यदि सुना है तो आप ये भी जानते होंगे जेनेरिक दवा ब्रांड की दवा की तुलना में काफी सस्ती होती है। लेकिन लोगों के मन में इस बात को लेकर काफी कंफ्यूजन बना रहता है कि जेनेरिक दवाई और ब्रांड दवाइयों में अंतर क्या होता है। यह जेनेरिक दवाइयां इतनी सस्ती क्यों होती हैं क्या जेनेरिक दवा और ब्रांड दवा की क्वालिटी में अंतर होता है।

सभी मेडिसिन एक तरह का केमिकल/सॉल्ट होती है। रिसर्च के बाद अलग-अलग बीमारियों के लिए बनाया जाता है। जैसे पैरासिटामोल एक केमिकल साल्ट है जो सर दर्द, बुखार के काम में आता है। लेकिन यदि कोई कंपनी इसे पेरासिटामोल के ही नाम से बेचे तो उसे जेनेरिक मेडिसिन कहा जाएगा। लेकिन जब किसी मेडिसिन को किसी ब्रांड जैसे क्रोसिन के नाम से बेचा जाए तो इसे ब्रांडेड मेडिसिन कहते हैं।

ब्रांड दवा क्या होता है What is Brand Medicine?

जब कोई फार्मा कंपनी किसी नई मेडिसिन साल्ट का इनोवेट कर पेटेंट करवा लेती है। और उस साल्ट को जब अपने ब्रांड नाम से भेजती है तो उस मेडिसिन को ब्रांड मेडिसिन बोलते हैं। कंपनी दवा को 20 सालों के लिए पेटेंट करवाती है।

क्योंकि जब कोई कंपनी किसी दवा को पेटेंट कराती है तो उसको यह अधिकार मिल जाता है। कि उस दवा को अपने नाम से बेच सकें तो कंपनी साल्ट को अपना एक ब्रांड नेम दे देती है। तो उसको हम प्राण मेडिसिन बोलते हैं जैसे क्रोसिन, डोलो, पैरासिप इत्यादि

जब तक कोई दवा कंपनी पेटेंट रजिस्टर की रहती है तो उस दवा के बारे में कोई अन्य कंपनी रिसर्च और बना नहीं कर सकता है। उस दवा को केवल पेटेंटी की गई कंपनी ही कर सकती है। और बेच सकती है। और जब उस दवा का पेटेंट खत्म हो जाता है तो उस दवा को कोई भी कंपनी बनाकर बेच सकती है।

जेनेरिक दवा क्या है What is Generic Medicine?

जब कोई कंपनी इनोवेट की हुई कंपनी को कुछ लॉयल्टी पर सिर्फ साल्ट के नाम से बेचने का राइट लेकर चलती है। तो उस मेडिसिन को जेनेरिक मेडिसिन बोलते हैं।

कोई जवाब जब कोई दवा कोई दूसरी फार्म कंपनी जो उसकी इन वेट करती है वह कुछ लॉयल्टी पे करती है। और जो इनोवेट की हुई कंपनी है। वह उसे उस दवा को बेचने का अधिकार दे देती है तो वह कंपनी दवा को साल्ट के नाम पर भेजती है जिसे जेनेरिक मेडिसिन कहते हैं।

जेनेरिक और ब्रांड दवा में अंतर Different Between Branded vs Generic Medicine

दोस्तों जलने का और ब्रांड दवा में ज्यादा कुछ खास अंतर नहीं होता है। फिर भी चलिए हम इनके बीच में क्या-क्या अंतर होते हैं जान लेते हैं।

जेनेरिक और ब्रांड मेडिसिन दोनों में सिर्फ कीमत, नाम, रंग, बनवाट और पैकेजिंग में अंतर होता है, लेकिन दोनों में एक ही केमिकल साल्ट होते हैं। और डोज क्वांटिटी, क्वालिटी, साइड इफेक्ट भी सामान्य होते हैं। और दोनों मेडिसिन को समान स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल से गुजरना पड़ता है।

ब्रांड मेडिसिन महंगे क्यों होते हैं Why Brand drugs too Coastly

जो फार्मा कंपनी रिसर्च करके खोज करके दवा को तैयार करती है, खोज करने और रिसर्च करने में काफी ज्यादा पैसा, पावर लगता है और पेटेंट करवाने में पैसा लगता है। मार्केटिंग करने में भी पैसा खर्च होता है इसीलिए ब्रांड मेडिसिन महंगा पड़ जाता है।

जेनेरिक मेडिसिंस सस्ता क्यों होते हैं Why Generic Medicine is Low price

लेकिन जो जेनेरिक मेडिसिन होता है वह सॉल्ट को लेकर बनाती है क्योंकि उसे बना बनाया हुआ साल्ट मिल जाता है। इसलिए उसका ज्यादा खर्चा नहीं लगता है। जेनेरिक मेडिसिन को सिर्फ मैन फैक्चर करने में पैसा लगता है इसीलिए यह सस्ता होता है।

कई रिपोर्ट में देखा गया है कि जेनेरिक दवा कुछ कम इफेक्टिव और कम क्वालिटी देखा गया है।

जेनेरिक दवा कहां मिलती है?

दोस्तों जेनेरिक दवा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से आप ले सकते हैं जो प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई एक योजना है। जहां पर आपको सभी जेनेरिक दवाएं कम दामों में मिल जाएंगी।

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