संक्रामक और असंक्रामक रोग क्या है इसके बचाव

संक्रामक और असंक्रामक रोग-बीमारी के कारण हमारा शरीर पूर्ण रूप से कार्य नहीं कर पाता है। शरीर सुथींल रहता है तथा थकान का अनुभव करता है। रोग को दो भागों में विभक्त किया दया है। संक्रामक और असंक्रामक रोग। आज की जानकारी में हम संक्रामक रोग और असंक्रामक रोग के बारे में जानेंगे।

संक्रामक-और-असंक्रामक-रोग

संक्रामक रोग क्या है कैसे फैलता है इसका बचाव और रोकथाम कैसे करें और असंक्रामक रोग क्या है कैसे फैलता है इसका बचाव कैसे करें सभी जानकारी में जानेंगे।

संक्रामक और असंक्रामक रोग क्या है बचाव कैसे करें

संक्रामक रोग क्या है (Communicable Disease)

संक्रामक रोग विषाणु द्वारा फैलाने वाले लोगों को संक्रामक रोग कहा जाता है यारों किसी बीमार व्यक्ति के खास में अच्छे कौन से उस में मिली हुई एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में पहुंच जाते हैं जिसके कारण उसे भी वह रोग हो जाता है यह बीमारी बैक्टीरिया प्रोटोजोआ आदि रोगाणु द्वारा कराई जाती है।

संक्रामक बीमारियों के प्रकार

दूषित भोजन का जलसा होने वाले संक्रामक रोग दूषित पेयजल एवं भोजन से टाइफाइड डायरिया पीलिया जैसे रोग हो जाते हैं इसलिए भोजन तथा जल स्वच्छ होना चाहिए तथा भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धो लेना चाहिए।

वायु के माध्यम से होने वाले संक्रामक रोग किसी बीमार व्यक्ति के खास ने किया चिकने पर रोगाणु हवा में फैल जाते हैं तथा इससे टीवी, जुकाम, चिकन पॉक्स, डिप्थीरिया, कोरोना आदि बीमारियों के रुलाने वालों के माध्यम से फैलते हैं इसीलिए खांसते समय हमेशा मुंह ढक लेना चाहिए।

प्रत्यक्ष संपर्क के माध्यम से होने वाले संक्रामक रोग इस तरह के रोग रोग द्वारा प्रयोग किए गए कपड़े तौलिया इत्यादि के माध्यम से भी संक्रमण हो जाते हैं जैसे खसरा दाद खुजली इत्यादि रोग प्रत्यक्ष रूप से संपर्क में आने वाले चीजों से खेलते हैं।

असंक्रामक रोग क्या है (Non-Communicable Disease)

बीमारियां दूर एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलती उन्हें आ संक्रामक बीमारियां कहते हैं वह शारीरिक अवस्थाएं होती हैं जो किसी अन्य ठीक प्रकार से कार्य न करने के कारण हो जाती हैं कुछ बीमारियां किसी पोषक तत्व की कमी के कारण हो जाती हैं इन्हें संतुलित आहार के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है। कैसे

  1. रतोधी (रात में दिखाई ना देना) रातोधी विटामिन ए की कमी से होता है, और विटामिन ए का मुख्य स्रोत आलू अंडा सब्जियां पपीता गाजर दूध इत्यादि है।
  2. बेरी बेरी तंत्रिका तंत्र का सुचारू रूप से कार्य ना करना बेरी बेरी रोग विटामिन बी की कमी से होता है और विटामिन बी के मुख्य स्रोत दूध गेहूं दालें सब्जियां अंडा इत्यादि हैं
  3. स्कर्वी (मसूड़ों से खून का आना) स्कर्वी रोग विटामिन सी की कमी से होता है और विटामिन सी के मुख्य स्रोत आंवला अंडा सब्जियां संतरा इत्यादि
  4. रिकेट्स हड्डियों का विकास पूर्ण रूप से ना हो पाना रिकेट्स रोग विटामिन बी की कमी से होता है और विटामिन डी के मुख्य स्रोत मछली सूर्य का प्रकाश खाद्य तेल अंडा इत्यादि है।
  5. रक्ताल्पता रक्त की कमी यह रोग लौह तत्व नीति आयरन की कमी से होता है जिसे दूर करने के लिए हरी सब्जियों के लाभांश इत्यादि गाना चाहिए इसमें लौह तत्व पाए जाते हैं।

बीमारियों से बचाव

इन सभी रोगों से बचाव किया जा सकता है इसके बॉस निम्नलिखित तरीके हैं विवेक नीचे देख सकते हैं।

  1. फिनायल तथा डिटॉल जैसे शुक्राणु नाशक का प्रयोग समय-समय पर करते रहना चाहिए।
  2. घर का कूड़ा डालने के लिए डस्टबिन का प्रयोग करना चाहिए।
  3. भोजन को हमेशा ढक कर रखना चाहिए ताकि धूल तथा मक्खियां से भोजन बचा रहे।
  4. दूध एवं पानी को उबालकर पीना चाहिए।

रोगाणुओं के फैलाव रोकने के उपाय

  1. रोगी को परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखना चाहिए उसके पास नर्स को ही आने जाने की अनुमति होनी चाहिए।
  2. रोगी द्वारा प्रयोग की गई वस्तुओं को अच्छी तरह से साफ कर उसे व्यक्ति को ही प्रयोग करनी चाहिए।
  3. किसी भी प्रकार के रोगों की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य अधिकारी को दी जानी चाहिए जिसमें कि समय पर उचित कार्रवाई की जा सके।

आज कि इस छोटी सी जानकारी में हमने संक्रामक और असंक्रामक रोग के बारे में जाना आगे भी हम आपको इस तरह से नई-नई जानकारियां बताते रहेंगे यदि आपको इस जानकारी से संबंधित कुछ पूछना है तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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