CRP Test क्या है C-Reactive Protine Test कब और क्यों किया जाता है?

हेलो आज हम बात करेंगे CRP Test के बारे में सीआरपी टेस्ट क्या होता है यह टेस्ट कैसे किया जाता है क्यों किया जाता है इन सब के बारे में जानने वाले हैं।

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सीआरपी क्या होता है (What is CRP Test)?

सीआरपी यानी की सी-रिएक्टिव प्रोटीन यह एक प्रोटीन होता है जो लीवर द्वारा बनता है।

C-Reactive Protine का क्या कार्य है?

यह प्रोटीन मरे हुए सिर्फ निर्जीव कोशिकाओं से जाकर जुड़ जाता है और उन्हें बॉडी से बाहर निकालने में सहायता करता है।

सीआरपी टेस्ट क्यों किया जाता है?

यदि पेशेंट को कोई क्रॉनिक इन्फ्लेमेटरी बीमारी है या फिर उसे कोई ऑटोइम्यून बीमारी है तो डॉक्टर यह टेस्ट करने के लिए प्रिसक्राइब करते है।

इसके अलावा हृदय रोग का खतरा जानने के लिए भी सीआरपी टेस्ट किया जाता है।

CRP Test कैसे किया जाता है?

CRP Test के लिए एक ब्लड सैंपल की आवश्यकता होती है जो कि पेशेंट के बाजू से लिया जाता है।

क्या सीआरपी टेस्ट से पहले किसी खास तैयार किया जा सकता होती है?

नहीं CRP Test को करने के लिए किसी खास प्रिपरेशन की जरूरत नहीं होती है सैंपल पेशेंट की सुविधा के मुताबिक कभी भी लिया जा सकता है।

Normal CRP Values-

नॉर्मल लोगों में सीआरपी की वैल्यू 1mg/L से कम रहना चाहिए

  • Normal CRP Values- 1mg/L

सीआरपी टेस्ट से क्या जानकारी मिलती है?

यदि किसी पेशेंट में सीआरपी वैल्यू ज्यादा है तो उस पेशेंट को कोई क्रॉनिक इन्फ्लेमेटरी बीमारी हो सकती है।

  1. यदि हृदय रोग के लिए यह टेस्ट किया गया है और सीआरपी की वैल्यू 1mg/L है तो पेशेंट को हृदय रोग होने का खतरा बहुत कम है।
  2. यदि सीआरपी वैल्यू 1 से लेकर 3mg/L है तो उसका मतलब पेशेंट को थोड़ा खतरा है।
  3. किसी और की वैल्यू 10mg/L से ज्यादा है तो उसका मतलब पेशेंट को हृदय रोग होने की संभावना ज्यादा है।

Blood में CRP बढ़ने के क्या कारण हो सकते हैं?

यदि पेशेंट को कोई क्रॉनिक इन्फ्लेमेटरी बीमारी है जैसे

  • हृदय रोग
  • क्षय रोग
  • संक्रमण जैसे निमोनिया
  • इसके अलावा ऑटोइम्यून बीमारियां जैसे गठिया रोग में भी सीआरपी बड़ जाता है।

क्या सामान्य स्थिति में भी सीआरपी का स्तर बढ़ सकता है?

जैसे गर्भावस्था में इसके अलावा यदि पेशेंट कुछ दवाइयां ले रहा हो जैसे कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स उनसे भी सीआरपी बढ़ सकता है।

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