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Republic day poem-26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर कवि की कविता ?

Republic Day Hindi Poem: के महान कवियों ने गणतंत्र दिवस पर कई कविता को लिखकर 26 जनवरी को मनाया है, आज हम आपको इस जानकारी में कुछ कवियों द्वरा लिखी गयी कविताओं के बारे में आपको बताएंगे। जिसे आप स्कूल में बोल सकते है।

गणतंत्र दिवस भारत का एक पूर्ण पर वह जिसे हम बहुत धूमधाम और जोश के साथ मनाते हैं। 26 जनवरी को ही भारत में संविधान को पारित कर लागू किया गया था।

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गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस का हर कोई बेसब्री से इंतजार करता है. ऐसे में देशभक्ति की भावना से भरे इन शानदार मैसेजेस के बिना इस पर्व की खुशी अधूरी सी है।

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रिपब्लिक डे पर हमने आपको कुछ कवि की कविताओं के बारे में यहां पर बताने वाले हैं। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी की शुरुआत 26 जनवरी 1950 को शुरू जब भारत पूरी तरह से स्वतंत्र हुआ था तब से हम स्वतंत्र दिवस बनाते हैं।

गणतंत्र दिवस भारत के तीन राष्ट्रीय मुख्य पर्व में से एक है। आप हमारी इस बताएंगे कविताओं का उपयोग गणतंत्र दिवस एंड स्वतंत्र दिवस के पर्व पर कर सकते है।

गणतंत्र दिवस पर प्रसिद्ध कवि की कविताएं Republic Day Hindi Poem

1.जयसंकर प्रसाद

अरुण यह मधुमय देश हमारा।

जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को

मिलता एक सहारा

सरस तामरस गर्भ विभा पर

नाच रही तरुशिखा मनोहर।

छिटका जीवन हरियाली पर

मंगल कुंकुम सारा।

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 2.वंशीधर शुक्ल

उठो सोने वालों सवेरा हुआ है।

वतन के फकीरों का फेरा हुआ है।।

उठो अब निराशा निशा खो रही है।

सुनहरी सी पूरव दिशा हो रही है।

उषा की किरण जगमगी हो रही है।

विवंगों की ध्वनि नींद तम धो रही है।

तुम्हे किस लिए मोह घेरा हुआ है।

उठो सोने वालों सवेरा हुआ है।।

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 3. डॉक्टर विजय तिवारी

आज सभी आजाद हो गए,

फिर ये कैसी आज़ादी

वक्त और अधिकार मिले,

फिर ये कैसी बर्बादी

संविधान में दिए हको से,

परिचय हमे करना है

भारत को खुशहाल बनाये,

आज क्रांति फिर लाना है…

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 4.श्रीधर पाठक

जय जय प्यार जग से न्यारा,

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शोभित सारा देश हमारा,

जगत मुकुट जगदीश दुलार

जग सौभाग्य सुदेश।

जय जय प्यार भारत देशा।

जनमे कोटि कोटि जुग जीवें,

जीवन सुलभ अमी रस पीवे

सुखद वितान सुकृत का सीवे

रहे स्वतंत्र हमेशा

जय जय प्यार भारत देशा

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 5.संजीवन मयंक

आज तिरंगा फहराता है अपनी पूरी शान से।

हमे मिली आज़ादी वीर शाहिद के बलिदान से।।

गांधी,तिलक,सुभाष, जवाहर का प्यारा यह देश है।

जीवो और जीने वो का सबको देता संदेश है।

प्रहरी बनकर खड़ा हिमालय जिसके उत्तर द्वरा पर।

हिन्द महासागर दक्षिण में इसके लिए विशेष है।।

लगी झूलने दशो दिशाएँ वीरो के यशबान से।

हमे मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।

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 6.पी.के. मिश्रा

भारत हमको जान से प्यारा है।

सबसे न्यारा गुलिस्तां हमारा है।

शहिदों से भारत भूमि दुनिया की शान है

भारत माँ की रक्षा में जीवन कुर्बान है।

भारत हमको जान से प्यारा।

सबसे न्यारा गुलिस्तां हमारा है।।

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 7.बलवीर सिंह

ओ विप्लव के थके साथियों,

विजय मिली विश्राम न समझो,

उदित प्रभाव हुआ फिर भी,

छाई चारो ओर उदासी,

ऊपर मेघ भरे बैठे है किंतु,

धारा प्यासी की प्यासी

जब तक सुख के स्वप्न अधूरे,

पूरा अपना काम न समझो,

विजय मिली विश्राम न समझो।।

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तो आपको ये कविताये  कैसी लगी हमारी ये जानकारी इसे गणतन्त्र दिवस पर अपने दोस्तों के साथ व्हात्सप्प फेसबुक पर जरुर साझा करे.

अंतिम शब्द

26 जनवरी यानी कि रिपब्लिक डे पर लिखे गए कुछ कवियों की कविताएं (Republic Day Hindi Poem) हमने आपको ही जानकारियां बताया आशा करता हूं कि आपको लिए जानकारी हेल्पफुल रही हो। जानकारी को अपने दोस्तों और व्हाट्सएप फेसबुक ग्रुप में शेयर जरूर करें ताकि सभी लोग जान सके।

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