किडनी स्टोन लक्षण, कारण, टेस्ट और इलाज है ?

इस जानकारी में हम जाने वाले हैं किडनी स्टोन यानि की पथरी के क्या क्या लक्षण होते हैं कैसे हमें पता चलेगा कि हमारे किडनी में पथरी है दोस्तों पथरी यानी किडनी में स्टोन का होना आम बात है जो कि स्त्री के वजह पुरुषों में ज्यादा देखने को मिलती है इसके कई कारण हो सकते हैं खान पान रहन सहन किडनी स्टोन एक छोटे दाने से लेकर गेंद जितनी बड़ी हो सकती है इसके कौन-कौन से प्रमुख लक्षण हैं यह जानकारी में भी जानेंगे।

किडनी-स्टोन-कारण-लक्षण-और-उपचा

किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) के लक्षण

किडनी स्टोन के क्या क्या लक्षण होते हैं चलिए इनके बारे में जान लेते हैं।

  1. कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द होना
  2. मतली या उल्टी होना
  3. पेशाब करने में कठिनाई या दर्द होना
  4. बार बार पेशाब करने की इच्छा होना
  5. पेशाब में चुभन होना
  6. पेशाब में तेज बदबू आना
  7. पेशाब में पीलापन होना
  8. पेशाब में खून आना
  9. पेशाब का रुक रुक कर आना
  10. इतना गंभीर दर्द होना कि आराम से उठ बैठ ना सके
  11. पेशाब की नली या मसाने में भी हल्का दर्द होना

यदि किसी या आपके अंदर इनमें से कोई लक्षण आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। और उसका इलाज करवाएं क्योंकि किडनी स्टोन एक छोटी समस्या नहीं है यह धीरे-धीरे बड़ी समस्या हो सकती है।

काफी बार यह देखा गया है कि कुछ लोग इन लक्षणों की जानती हुई भी इसे नजरअंदाज कर देते हैं जो सेहत के लिए काफी हानिकारक साबित हो सकता है और आगे जाकर गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।

किडनी स्टोन के कारण

गुर्दे की पथरी आजकल बहुत कम समस्या हो गई है देखा जा रहा है कि नौजवानों में भी यह ज्यादातर बढ़ रही है इसका सबसे बड़ा कारण है कम पानी पीना जब भी हमारे शरीर में पानी की कमी होगी यूरिन कंसंट्रेट होगा और कंसंट्रेशन के कारण पेशाब के अंदर क्रिस्टल बन जाते हैं। जब हमारा पेशाब पानी की कमी होने पर कंसंट्रेट हो जाता है उसमें क्रिस्टल बन जाते हैं और क्रिस्टल आपस में जुड़ जाते हैं और वह धीरे-धीरे पथरी का रूप ले लेते हैं किडनी के अंदर जिसे किडनी स्टोन कहते हैं यदि पानी की कमी से हो रहा है तो पानी ज्यादा पीना चाहिए दिन भर में 4 लीटर से अधिक पानी पीना चाहिए।

  • कम पानी पीना
  • किडनी फास्ट फूड जंक फूड खाने से भी हो जाता है।
  • शरीर के अंदर कुछ मेटाबोलिक अब नॉर्मल चीज जैसे किडनी की बनावट में कुछ चेंज होना या यूरिन में ज्यादा यूरिक एसिड या आउटलेट का का होना।

अगर किसी को एक बार पथरी हो गई है उसकी पत्नी एक बार दवाइयों से या लेजर ऑपरेशन से या कई बार चीजें का ऑपरेशन करा कर निकलवा दिया है तो उसके बाद भी यह कारण बने रहते हैं तो यह ऑपरेशन के बाद भी दोबारा बन सकती है चाहे आप जिस भी विदेशी से निकलोगे तो दोबारा बनने की संभावना भी 25 से 30% लोगों में होती है एक बार पथरी होने के बाद।

किडनी का टेस्ट कैसे करते हैं

अल्ट्रासाउंड– किडनी में स्टोन होने पर अल्ट्रासाउंड से पता चल जाता है अल्ट्रासाउंड करने के बाद पता चल जाता है कि पथरी कहां पर है और उसका साइज कितना है

सीटी स्कैन– यदि अल्ट्रासाउंड से कंफर्म नहीं होता है तो कभी-कभी अल्ट्रासाउंड में साइज का पता नहीं चलता है कि किडनी स्टोन कितनी साइज का है तो पेशेंट का सिटी स्कैन किया जाता है। सीटी स्कैन करने पर 100% पता चल जाता है कि किडनी स्टोन कितनी साइज का है और कहां पर है।

किडनी स्टोन का इलाज

यदि किसी को 4mm या 6mm तक की किडनी है तो उसे दवाइयों द्वारा ठीक किया जा सकता है कोई भी पथरी 8 या 9mm होने पर। तो पहले उसका एक या 2 महीने तक दवा देकर ठीक करने की कोशिश की जाती है इसकी बहुत अच्छी दवाइयां आती है। यदि किडनी स्टोन से एमएम से कम है तो मान के चलिए उसे ठीक होने में 80 परसेंट चांस होते हैं। लेकिन जैसे-जैसे किडनी का साइज बड़ा होता जाएगा उसके निकलने की इच्छा इस कम होते रहते हैं।

यदि किडनी स्टोन की साइज 8mm, 9mm या 10 mm या इससे बड़ा है तो दवा से निकलने की बहुत कम चांस सोते हैं यह ना के बराबर होते हैं इनके लिए ऑपरेशन करने की आवश्यकता होती है ऑपरेशन करके किडनी को निकाल लिया जाता है।

क्या किडनी स्टोन का ऑपरेशन जरूरी है

यदि किडनी में पथरी का साइज 6mm तक है तो उसे दबा के द्वारा कलाकार निकाला जा सकता है लेकिन यदि किडनी से एमएम से ऊपर की साइज है तो उसे दवा से निकलने के बहुत कम चांस होते हैं इसके लिए ऑपरेशन करना जरूरी होता है।

लिथोट्रिप्सी क्या है

किडनी या स्टोन पथरी के बड़े साइज हो जाने पर ऑपरेशन करवाना जरूरी होता है लेकिन एक नई तकनीक के माध्यम से बिना ऑपरेशन के किडनी स्टोन यानि की पथरी को निकाला जा सकता है यह एक लेजर तकनीक होती है किडनी जहां भी होती है लेजर मशीन द्वारा उसे ब्रेक कर दिया जाता है और 15 से 20 दिन में वह मूत्र मार्ग द्वारा निकल जाता है।

इस विधि में कोई ऑपरेशन नहीं किया जाता है मरीज को एक या 2 घंटे बाद छुट्टी मिल जाती है अगले दिन से वह अपना काम कर सकता है यह विधि बहुत ही सुरक्षित अच्छी विधि है लेकिन इसका एक समस्या यह है कि पथरी 15mm से छोटी होनी चाहिए।

कितने साइज की किडनी के लिए ऑपरेशन जरूरी नहीं होता है

यदि किडनी स्टोन के साइज 4mm, 5mm या 6mm तक की है तो उसे दवा द्वारा निकालने के 80 से 90% चांस होते हैं।

तो आज की जानकारी में हमने स्टोन किडनी स्टोन के बारे में जाना किडनी स्टोन के क्या कारण हो सकते हैं और किडनी स्टोन के क्या क्या लक्षण होते हैं और इलाज के के बारे में जाना साथ ही में हमने किडनी स्टोन के टेस्ट जाने की पथरी होने पर कौन सी जांच कराई जाती है इसके बारे में भी जान लिया है।

Share on:

About Writer

Leave a Comment